भोले ओ भोले / मैत्रीभाव भरा गीत

મૈત્રીનું મુલ્ય જીવનમાં અનેક ગણું ઉંચું છે .. જેના જીવનમાં મિત્ર નથી એ ક્યારેય મૈત્રીના મહત્વને સમજી ના શકે .. જીવનરૂપી બાગમાં મિત્ર એ સુંદર ફૂલ છે, જેની મૈત્રીની મહેકથી જીવન મહેકી ઉઠે છે .. પરંતુ અગર જો મૈત્રીનું ફૂલ મુરઝાયું તો જીવન પાનખર સમું દિસે છે.. આ ગીતમાં પણ, એક મિત્ર ની નારાજગીથી બીજો મિત્ર વિહવળ બની શંકર ભગવાનને પ્રાર્થના કરે છે… મૈત્રીના એ ફૂલને ફરી ખિલવવા અર્ચના કરે છે ..આ ગીતને સ્વ. કિશોરદાએ સ્વર આપેલ .. અને અત્રે પ્રસ્તુત ગીતમાં મિત્ર શ્રી દિલીપભાઈએ ખૂબ જ સરસ ભાવ વહી સ્વર વહાવ્યો છે … ! -ચેતુબેન ચાહ

रुठा यार फीरसे मनाना पडेगा
मधुर प्रितका गीत गाना पडेगा
मै मन्दिर तो युं रोज जाता नही पर
तेरे दर पे सर अब झुकाना पडेगा
-दिलीप

भोले ओ भोले तू रूठा दिल टूटा
मेरे यार को मिला दे वो प्यार फिर जगा दे २

क्या होगा फिर तेरा गौरी जो रूठ जाये
शंकर तेरे माथे का चंदा जो टूट जाये
दम दम दम डमरू ना बाजे
बम बम बम फिर तू ना नाचे
यार अगर ना माने मेरे यार को…….

वो बिछड़ा तो कसमसे फिर में ना जी सकूँगा
मेरे भोले तेरे जैसे मैं ज़हर ना पी सकूँगा
जिस्म हू में वो जाँ है मेरी
उसको नहीं पहेचान है मेरी
प्यार मेरा तूँ जाने मेरे यार को …..

Film: Yarana (1981)
Originally sung by Kishorkumar

Music Director: Rajesh Roshan

ज़िन्दगी के सफरमे,भावांजलि

‘टाईम हो गया है ! पेक अप’
वो तो सो गया है ! पेक अप
कब आनंद मरते है ? बोलो
दिलमें बस गया है ! पेक अप

Dilip Gajjar Presenting…Zindgi ke Safarme..

प्यारे मित्र की फरमाइश से, राजेश खन्नाको भावांजलि  पेश करता हूँ आपके प्रतिभाव की आशा सह 

ज़िन्दगी के सफरमे गुजर जाते है जो मकाम

वो फिर नहीं आते,  वो फिर नहीं आते
ज़िन्दगी के सफरमे गुजर जाते है जो मकाम

वो फिर नहीं आते,  वो फिर नहीं आते

फूल खिलते है, लोग मिलते है ….फूल खिलते है, लोग मिलते है मगर

पतजड़में जो फूल, मुरज़ा जाते है
वो बहारोके आने से खिलते नहीं
कुछ लोग एक रोज जो बिछड़ जाते है
वो हजारोके आने से मीलते नहीं
उम्रभर चाहे कोई पुकारा करे उनका नाम
वो, फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते
आँख धोखा है, क्या भरोसा है…..आँख धोखा है, क्या भरोसा है सुनो
दोस्तो शक दोस्ती का दुश्मन है
अपने दिलमे इसे घर बनाने ना दो
कल तड़पना पड़े यादमे जिनकी
रोक लो रूठकर उनको जाने दो
बादमे प्यारके चाहे भेजो हजारो सलाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते
सुबह आती है, रात जाती है…..सुबह आती है, रात जाती है युही
वक्त चलता ही रहता है रुकता नहीं
एक पल में ये आगे निकल जाता है
आदमी ठीक से देख पाता नहीं
और परदेपे मंजर बदल जाता है
एक  बार चले जाते है जो दिन रात सुबह शाम
वो,… वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते
ज़िन्दगी के सफरमे, गुजर जाते है जो मकाम,     वो फिर नहीं आते,    वो फिर नहीं आते
Digital Illustration & Sung by Dilip Gajjar

दिए जलते है , मित्रताके

प्यारे दोस्तों, आपके सामने पेश करता हू हाल ही में गाया हुआ ये भावगीत आशा है आपको पसंद आएगा 
दोस्ती या मैत्रीका मूल्य कितना कीमती है यह अहसास होने लगता है ..
रेकोर्डिंग और मास्टरिंग किया है  लंदन स्थित मित्र जतिन आर्य ने 
उम्मीद है आप अपना कीमती वक्त निकालकर सुनेंगे और हमेशा की तरह होसला बढ़ाएंगे 
हेडफोन से बेहतर साउंड सुन सकते है जो की पि  सी के छोटे  स्पीकरसे न सुनाई दे 
दिलमें  मित्रताके दिये..

एक दिन नहीं, सप्ताह नहीं, महिना नहीं,  अयन नहीं साल नहीं, जीवनभर जलते रहें यही शुभ कामना है 

दिए जलते है , फुल खिलते है ……..२ 

बड़ी मुश्किल से मगर, दुनियामे दोस्त मिलते है …२ 

जब जिस वक्त किसीका, यार जुदा होता है 
कुछ ना पूछो यारो दिलका, हाल बुरा होता है ….२ 
दिल पे यादो के जैसे, तीर चलते है ..आ हा हा …
दिए जलते है , फुल खिलते है ……..

बड़ी मुश्किल से मगर, दुनियामे दोस्त मिलते है …
दिए जलते है ……

दौलत और जवानी, इक दिन खो जाती है 
सच कहता हू, सारी दुनिया दुश्मन हो जाती है …२ 
उम्रभर दोस्त लेकिन साथ चलते है …उ हू हू ….
दिए जलते है , फुल खिलते है ……..

बड़ी मुश्किल से मगर, दुनियामे दोस्त मिलते है …
दिए जलते है …….

इस रंग रूप पे देखो, हरगिज़ नाज़ ना करना 
जाँन  भी मांगे यार तो दे देना, नाराज ना करना …२ 
रंग उड़ जाते है, रूप ढलते है 
दिए जलते है , फुल खिलते है ……..२ 

बड़ी मुश्किल से मगर, दुनियामे दोस्त मिलते है …२ 
गीतकार आनंद बक्षी
किशोरकुमार
राहुल देव बर्मन